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इतने से अधिक विमानों में मिलेगी सुविधा

  • विचाराधीन है आवेदन, एयरटेल ने नहीं की कोई टिप्पणी
  • -आईएफएमसी लाइसेंस के विषय में पिछले वर्ष दिसंबर में जारी हुई थी अधिसूचना
  • -7,400 विमान दे रहे थे इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सुविधा 2017 तक  
भारती एयरटेल की अनुषंगी कंपनी इंडो टेलीपोर्ट्स ने घरेलू एवं विदेशी विमानों में उड़ान के दौरान कॉलिंग  डाटा सेवाएं (इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी) देने के लाइसेंस के लिए दूरसंचार विभाग के पास आवेदन किया है. सूत्रों के मुताबिक, आवेदन अभी विचाराधीन है. हालांकि, एयरटेल ने इस विषय में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.

दरअसल, गवर्नमेंट ने राष्ट्र में इन-फ्लाइट एंड मैरीटाइम कनेक्टिविटी (आईएफएमसी) लाइसेंस के विषय में पिछले वर्ष दिसंबर में अधिसूचना जारी की थी. इसके बाद पिछले महीने ह्यूज्स कम्युनिकेशन इंडिया (एचसीआईएल) राष्ट्र में आईएफएमसी लाइसेंस पाने वाली पहली कंपनी बनी.

इसके अतिरिक्त नील्को की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी टाटानेट सर्विसेज ने भी 6 मार्च को इसका लाइसेंस मिलने की घोषणा की है. नील्को ने एक बयान में बोला कि आईएफएमसी लाइसेंस से सेटेलाइट प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए हिंदुस्तान में विमानों, जहाजों  क्रूज लाइनरों आदि में यात्रा के दौरान निर्बाध कॉलिंग, डाटा  वीडियो सेवाएं मिलनी संभव हो जाएंगी.

यूरोकॉन्सूलेट के मुताबिक, 2027 तक 23,000 से अधिक वाणिज्यिक विमान अपने यात्रियों को यह सुविधा देने लगेंगे. 2017 तक 7,400 विमान ही यह सुविधा दे रहे थे. नॉर्दर्न स्काई रिसर्च की एयरोनॉटिकल सैटकॉम मार्केट-2017 नामक रिपोर्ट में बोला गया है कि 2019 के अंत तक हर तीन में से एक वाणिज्यिक विमान में वीएसएटी (वेरी स्मॉल एपर्चर टर्मिनल) कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी.
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