Thursday , March 21 2019
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फ्री एंड फेयर चुनाव के लिए ऐसा किया जाना है जरुरी

21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम न्यायालय में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव में प्रयोग होने वाले ईवीएम  वीवीपीएटी में से 50 प्रतिशत का औचक निरीक्षण करने की मांग की है. इन दलों का कहना है कि फ्री एंड फेयर चुनाव केलिए ऐसा किया जाना महत्वपूर्ण है.
आंध्र राष्ट्र के CM चंद्र बाबू नायडू, दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल सहित 21 विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा दायर इस याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम न्यायालय सुनवाई करेगा.याचिकाकर्ता नेताओं का कहना है कि ईवीएम  वीवीपीएटी की विश्वसनीयता पर पहले ही सवाल है, लिहाजा फ्री और फेयर चुनाव केलिए कम से कम 50 प्रतिशत ईवीएम वीवीपीएटी का औचक निरीक्षण होना चाहिए. याचिका में बोला गया कि लोकसभा चुनाव केपरिणाम घोषित करने से पहले यह औचक निरीक्षण होना चाहिए. याचिकाकर्ता नेताओं का कहना है कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए  इसकेलिए पुख्ता बंदोवस्त होना चाहिए.

याचिका दायर करने वालों में शरद पवार, केसी वेणुगोपाल, डेरेक ओब्र्र्रान, शरद यादव, अखिलेश यादव, सतीश चंद्र मिश्रा, एमकेस्टालिन, टीके रंगराजन, मनोज कुमार झा, फारुख अब्दुल्ला, एए रेड्डी, कुमार दानिश अली, अजीत सिंह, मोहम्मद बदरूद्दीन अजमल, जीतन राम मांझी, प्रो अशोक कुमार मिश्र आदि शामिल हैं.

मालूम हो कि गत जनवरी में तमिलनाडु निवासी एमजी देवाश्याम सहित दो अन्य लोगों द्वारा सुप्रीम न्यायालय में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव से ईवीएम के जरिए होने वाले मतदान के कम से कम 30 प्रतिशत वोटों का मिलान वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल(वीवीपीएटी) से करने की गुहार की गई थी. इस याचिका पर सुप्रीम न्यायालय ने चुनाव अयोग को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने केलिए बोला था.

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